अयोध्या में उमड़े श्रद्धालु, वाहनों का प्रवेश बंद, हाईवे सील… कड़ी सुरक्षा के बीच मुहूर्त से पहले शुरू हुई 14 कोसी परिक्रमा

अयोध्या। रामनगरी में कार्तिक मास की अक्षय नवमी पर लाखों श्रद्धालु 14 कोसी परिक्रमा के लिए उमड़ पड़े। कुछ श्रद्धालुओं ने मुहूर्त के भ्रम के चलते बुधवार को ही परिक्रमा शुरू कर दी, देर रात यह संख्या लाखों में पहुंच गई। प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए तय समय से कई घंटे पहले ही बुधवार को अयोध्या में दो पहिया वाहनों को छोड़ सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। देर रात करीब 10 बजे हाईवे को भी सील कर मालवाहक वाहनों को अन्य मार्ग पर डायवर्ट कर दिया।
14 कोसी परिक्रमा 30 अक्टूबर गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त यानि भोर में सुबह 4:51 मिनट से प्रारंभ होकर शुक्रवार भोर में 4:40 मिनट तक चलेगी। जबकि पंचकोसी परिक्रमा एक अक्टूबर शनिवार को भोर 4:04 मिनट से प्रारंभ होकर रविवार को आधी रात बाद 2:57 मिनट तक चलेगी। इन परिक्रमा में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु अयोध्या पहुंच चुके हैं। भक्तों के समूह ने मां सरयू में स्नान कर नागेश्वर नाथ महादेव का अभिषेक किया। इसके बाद हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में भी दर्शन-पूजन किया। इसके चलते रामपथ, धर्मपथ, भक्तिपथ व श्रीराम जन्मभूमि पथ पर भारी भीड़ रही। प्रशासन ने 14 कोसी परिक्रमा में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना जताई है।
कुछ श्रद्धालुओं ने मुहूर्त के भ्रम में बुधवार दिन में ही तो कुछ उत्साहित श्रद्धालुओं देर रात परिक्रमा प्रारंभ कर दी। सुबह से ही करीब 42 किमी. लंबे परिक्रमा पथ पर जगह-जगह श्रद्धालुओं का जत्था दिखाई दे रहा था। देर रात तक यह क्रम जन सैलाब में बदल गया। सरयू घाट, वासुदेव घाट, मौनी बाबा की छावनी, दर्शननगर, अचारी का सगरा, जनौरा, नाका, मोदहा, सहादतगंज, गुप्तार घाट, जमथरा, साकेत सदन, राजघाट आदि प्रमुख स्थानों पर श्रद्धालुओं ने परिक्रमा पथ की रज को माथे पर लगाकर लोगों ने परिक्रमा प्रारंभ की। नंगे पैर व रामधुन गाते हुए मगन श्रद्धालुओं के चलते परिक्रमा पथ भक्ति व आस्था का अद्भुत संगम बन गया।
भीड़ प्रबंधन को लेकर तय समय से पहले ही अयोध्या सील
अयोध्या में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने बुधवार दोपहर बाद ही अयोध्या धाम की सीमा को सील कर दिया। अयोध्या में प्रवेश के सभी मार्गों पर लगी बेरिकेडिंग गिरा दी गई व बाहरी दो व चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। स्थानीय लोगों का पहचान पत्र देखकर उन्हें दो पहिया वाहनों के साथ प्रवेश दिया गया। वहीं, रात 10 बजे से हाईवे को भी सील कर मालवाहक वाहन जैसे ट्रक, डीसीएम व ट्रैक्टर आदि को अन्य मार्ग पर डायवर्ट कर उनके गंतव्य को भेजा गया। श्रद्धालुओं के वाहन व आवश्यक सेवा वाले वाहनों को ही जिले की सीमा में प्रवेश दिया गया।
अधिकारी व कर्मियों ने संभाला मोर्चा
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच परिक्रमा मेले को पांच जोन और 32 सेक्टरों में विभाजित किया गया। जिसमें एक सुपर जोनल मजिस्ट्रेट, पांच जोनल मजिस्ट्रेट, 11 सेक्टर मजिस्ट्रेट और 24 स्थिर मजिस्ट्रेट तैनात हैं। इसके साथ ही प्रत्येक जोन में एक एएसपी स्तर का व सेक्टर में डीएसपी स्तर के अधिकारी की तैनाती की गई है। इसके अलावा पूरे मेला क्षेत्र में लगे सीसीटीवी के साथ ड्रोन कैमरों से भी निगरानी शुरू कर दी गई है। मंडलायुक्त राजेश कुमार, आईजी प्रवीण कुमार, डीएम निखिल टीकाराम फुंडे व एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बुधवार को परिक्रमा पथ पर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
मेला नियंत्रण कक्ष, खोया पाया कैंप भी सक्रिय
राम की पैड़ी स्थित सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस में मेला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। यहां छह वरिष्ठ अधिकारी और तीन सहयोगी अधिकारी तैनात किए गए हैं। जो तीन शिफ्ट में ड्यूटी करेंगे ताकि निगरानी और समन्वय में बाधा न आए। श्रद्धालुओं के विश्राम के लिए जगह-जगह कैंप लगाए गए हैं। पांच प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र भी बनाए गए हैं, जो सक्रिय हो गए हैं। रेलवे को निर्देश दिए गए हैं कि परिक्रमा के दौरान ट्रेनें क्रॉसिंग पर हॉर्न बजाकर सावधानीपूर्वक निकलें।
मेले को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां की गई है। मेला क्षेत्र में मलेरिया-डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव कराया गया है। पेयजल की व्यवस्था के लिए 50 से अधिक कियोस्क लगाए, जबकि नगर निगम ने सफाई अभियान चलाया। निर्माण सामग्री हटाकर मार्ग को समतल कर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिक्रमा पथ पर बालू का छिड़काव कराया गया है।-निखिल टीकराम फुंडे, जिलाधिकारी।
सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमा पथ पर जगह जगह पीएसी, पुलिस, होमगार्ड के करीब पांच हजार जवानों को तैनात किया गया है। प्रमुख स्थानों पर अर्धसैनिक बल व एटीएस की भी तैनाती की गई है। सरयू तट की निगरानी के लिए एसडीआरएफ, जल पुलिस के साथ पीएसी बाढ़ राहत दल को भी लगाया गया है। सभी ने अपनी ड्यूटी संभाल ली है।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी।





