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लॉरेंस बिश्नोई से पुलिस ने की पूछताछ

  • लग-अलग गैंग के बीच दुश्मनी की एक उलझी हुई कहानी आ रही सामने

नई दिल्ली। पंजाब में सिद्धू मूसेवाला की हत्या से उत्तर भारत के अलग-अलग गैंग के बीच दुश्मनी की एक उलझी हुई कहानी सामने आ रही है। पंजाब पुलिस से लेकर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए गैंगेस्टर के बीच की गैंगवार को ध्यान में रखते हुए इस हत्याकांड की जांच कर रही है।

वहीं तिहाड़ के जेल संख्या 8 में बंद लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में उसके दोस्त गोल्डी बरार के हत्या की जिम्मेदारी लेने के बाद एक बार फिर तिहाड़ जेल से साजिश रचे जाने की बात सामने आ गई है। उसके बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम जेल में पहुंचकर लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस उससे सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाबत पूछताछ कर रही है। फिलहाल जांच में निष्कर्ष निकलना अभी बाकी है, लेकिन हत्याकांड के केंद्र माने जाने वाले तिहाड़ में बंद गैंगेस्टर लॉरेंस विश्नोई व उसके नेटवर्क के लोगों से पूछताछ करने के लिए पंजाब पुलिस जल्द ही जेल पहुंच सकती है।

अबतक की जांच के आधार पर यही संकेत मिल रहे हैं कि हत्या की साजिश तिहाड़ जेल से रची गई। साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए तिहाड़ में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की कनाडा में बैठे अपने करीबी दूसरे गैंगस्टर गोल्डी बरार से फोन पर बात हुई। फिर रेकी की गई और शार्प शूटर्स का इंतजाम किया गया, जिन्होंने पहले से ही घात लगा रखा था और सिद्धू मूसेवाला के मौके पर पहुंचते ही उसकी हत्या कर दी।

यही वजह है कि अब पंजाब पुलिस तिहाड़ जेल में बंद पंजाब के गैंगस्टर लॉरेंस विश्नोई को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि इस हत्याकांड के बारे में और गहरी जानकारी मिल सके और हत्या का कारण साफ हो सके। पुलिस ने मानसा से ही छह संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनसे मूसेवाला हत्या के मामले में पूछताछ की जा रही है।

इसलिए विश्नोई पर है इस हत्याकांड का शक

ऐसे में अब प्रश्न यह है कि लॉरेंस बिश्नोई ने सिद्धू की हत्या क्यों करवाई ? तो इसके पीछे की जो कहानी सामने आ रही है, अगर उसे सही मानें तो गत 7 अगस्त, 2021 को हुए विक्की मिद्दुखेड़ा हत्याकांड को इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है। जिसका बिश्नोई गैंग बदला लेना चाहता था। दरअसल विक्की के बारे में एजेंसियों का मानना है कि वह लॉरेंस का बेहद करीबी था।

दविंदर बंबीहा गैंग ने उसका मर्डर करवा दिया था और दबी जुबान यह आरोप लगते थे कि मिड्डूखेड़ा हत्याकांड में शामिल शूटरों को मूसेवाला और इनके नेटवर्क के जरिये पनाह मिली थी, जिसका बदला बिश्नोई गैंग हर हाल में लेना चाहता था।

शाहरुख को दी थी सुपारी, लेकिन फेल हुआ था प्लान

बदला लेने के लिए लॉरेंस और गोल्डी बरार ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या की सुपारी शाहरुख नाम के अपराधी को दी थी। लेकिन उसे स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया था। उस वक्त पूछताछ में उसने माना था कि पहले भी सिद्धू को मारने की कोशिश की थी लेकिन तब सुरक्षाकर्मियों को एके-47 के साथ तैनात देखा तो उन्होंने हत्या का प्लान ड्रॉप कर दिया था। इसके बाद शाहरुख इस काम से अलग हो गया था। अब दावा किया जा रहा है कि सिद्धू की हत्या में अब उसी बोलेरो कार का इस्तेमाल हुआ है, जिसे भोला और सोनू नाम के दो शख्स ने पहले रेकी के दौरान इस्तेमाल किया था।

बताया जा रहा है कि जेल में बंद गैंगस्टर लारेंस बिश्नोई ने पांच राज्यों में सक्रिय बदमाशों के गैंग का गठजोड़ बना लिया है और विरोधी गैंग के बदमाश और उसके मददगारों को ठिकाने लगा रहा है। वह एप के जरिए बदमाशों से संपर्क में है। लॉरेंस बिश्नोई की खास बात यह है कि किसी भी वारदात के बाद वह फेसबुक के जरिए उसकी जिम्मेदारी लेता है।

मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस के कनाडा में रहने वाले दोस्त गोल्डी बरार के फेसबुक पर जिम्मेदारी लेते ही उसके जेल से ऑपरेट करने का खुलासा हुआ। इसकी जानकारी मिलने के बाद जेल प्रशासन तुरंत हरकत में आया और सोमवार को जेल कर्मियों ने जेल नंबर 8 में लॉरेंस बिश्नोई और अन्य गैंगस्टर के सेल में तलाशी अभियान चलाया। जेल प्रशासन का कहना है कि सेल से कोई मोबाइल फोन नहीं मिला है। जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने इस मामले को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अप्रैल माह में दो लाख के इनामी गैंगस्टर शाहरुख को गिरफ्तार किया था। गैंगस्टर शक्ति नायडू के गैंग से आपराधिक वारदात शुरू करने वाला शाहरुख गैंगस्टर हासिम बाबा का सहयोगी है। गैंगस्टरों के जेल में होने की वजह से वह उनके निर्देश पर वारदातों को अंजाम दे रहा था। बताया जा रहा है कि विक्रमजीत सिंह मिदूखेरा की पंजाब में हत्या में मूसेवाला का नाम सामने आया था। उसके बाद शाहरुख ने लॉरेंस से बात की थी और पंजाब में मूसेवाला की रेकी भी की थी। जेल पहुंची स्पेशल सेल की टीम इसी सब खुलासे को लेकर लॉरेंस से पूछताछ कर रही है।

पांच राज्यों में बदमाशों के गैंग दो हिस्सों में बंटे

पुलिस सूत्रों का कहना है कि शाहरुख ने पूछताछ में बताया कि दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के छोटे-बड़े गैंग अब दो हिस्सों में बंट गए हैं। एक आपराधिक गठजोड़ का सरगना लॉरेंस बिश्नोई, संपत नेहरा, संदीप उर्फ काला जठेड़ी हैं, जिसने दिल्ली के जितेंद्र मान उर्फ गोगी गैंग, कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग, हासिम बाबा, राजेश बवानिया और कपिल से हाथ मिला लिया है।

दूसरे सिंडिकेट में नीरज बवानिया, सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया और सुनील राठी, कौशल गैंग, नासिर गैंग, प्रवेश मान और नवीन बाली शामिल है। सभी गैंगस्टर तिहाड़ जेल में बंद हैं। दोनों सिंडिकेट का काम मोबाइल फोन के जरिए जेल से रंगदारी वसूलना, एक-दूसरे के गैंग पर हमला करना और सुपारी लेकर हत्या करना है। स्पेशल सेल इस गठजोड़ को लेकर भी लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ कर रही है।

तिहाड़ के जेल नंबर 8 में है बंद

बिश्नोई दिल्ली के तिहाड़ में जेल नंबर 8 में बंद है। वह जेल के हाई सिक्योरिटी वार्ड में बंद है। इसी सेल से वह नेटवर्क चला रहा है। बताया जा रहा है कि बदमाशों के गठजोड़ हो जाने के बाद उसके पास 700 शूटर मौजूद हैं, जिनके जरिए वह दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में वह आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिला रहा है। अब मूसेवाला की हत्या के बाद स्पेशल सेल उसके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। कुछ दिन पहले बिश्नोई ने गैंगस्टर काला जठेड़ी से हाथ मिलाया। फिर वह अन्य गैंगस्टरों से हाथ मिलाकर अपने गैंग को फैलाना शुरू कर दिया। बिश्नोई पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) लगाया गया है।

गठजोड़ बनने के बाद एक दूसरे गैंग पर हुआ हमला तेज

लॉरेंस बिश्नोई के बदमाशों के गैंग का गठजोड़ बनाए जाने के बाद एक गैंग दूसरे गैंग पर हमला तेज कर दिया है। हाल ही में नरेला में नीरज बवानिया गैंग के बदमाशों ने कपिल मान के पिता की गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं इसका बदला लेने के लिए लॉरेंस गैंग के बदमाशों ने नाबालिगों की मदद से नीरज बवानिया के पिता की हत्या की साजिश रच दी। लेकिन समय रहते पुलिस ने दोनों नाबालिगों को पकड़ लिया। माना जा रहा है कि गठजोड़ बनने के बाद सबसे पहले गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की हत्या को अंजाम दिया गया था।

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