रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का भी राजकुमार मौर्य के घर अचानक दौरा—शिष्टाचार भेंट या सियासी गेम प्लान?

लखनऊ से विशेष रिपोर्ट:
उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल उस वक्त तेज हो गई जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के बाद अब सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य भी भाजपा पार्षद राजकुमारी मौर्य और भाजपा के पुराने संगठनकर्ता राजकुमार मौर्य के जानकीपुरम स्थित आवास पर पहुंचे। इस अचानक हुई मुलाक़ात ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।राजकुमारी मौर्य भाजपा की जमीनी और अनुभवी नेता मानी जाती हैं। वर्ष 1995 में पहली बार लखनऊ से पार्षद चुनी गईं और वर्तमान में भी जानकीपुरम वार्ड से पार्षद के रूप में सक्रिय हैं। संगठन में उनकी पकड़ और क्षेत्र में मजबूत जनाधार उन्हें खास पहचान दिलाता है।मौर्य दंपति दोनों ही भाजपा के उन पुराने चेहरों में गिने जाते हैं, जिन्होंने पार्टी के कठिन दौर में भी संगठन को मजबूती दी। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से भी बेहद करीबी माना जाता है। वे भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और कद्दावर नेता तथा पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश कल्याण सिंह के दौर में सक्रिय सियासी प्रहरी रहे हैं।गौरतलब है कि मौर्य दंपत्ति के साथ पार्टी में काम करने वाले कई नेता जो पूर्व समय में उनके साथ पार्षद रहे हैं, वो आज बड़े पदों पर पहुंच चुके हैं। इनमें पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ० महेंद्र सिंह, वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री कुसुम राय, महमूदाबाद सीतापुर से विधायक आशा मौर्या और वर्तमान परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह जैसे बड़े दिग्गज नाम भी शामिल हैं।राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो बिना किसी स्पष्ट कार्यक्रम के उपमुख्यमंत्री केशव का इस तरह अचानक राजकुमार मौर्य के घर पहुंचना महज़ शिष्टाचार भेंट नहीं माना जा रहा, खासतौर पर ऐसे समय में जब उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं। इस मुलाक़ात को संभावित सियासी रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में पिछड़े वर्ग के प्रभावशाली और पुराने कार्यकर्ताओं में मौर्य दंपत्ति की मजबूत पकड़ है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व का उनके घर पहुंचना संगठनात्मक समीकरणों को साधने की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या यह मुलाक़ात सिर्फ औपचारिक थी, या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सियासी गेम प्लान तैयार हो रहा है? आने वाले दिनों में इसके संकेत और स्पष्ट हो सकते हैं।



