पोषण माह और फेक न्यूज़ जागरूकता पर केंद्रित पत्रकार संगोष्ठी का सफल आयोजन
पोषण माह और फेक न्यूज़ जागरूकता पर केंद्रित पत्रकार संगोष्ठी का सफल आयोजन *पत्रकारिता, फेक न्यूज़ और एआई के नए आयामों पर हुई सार्थक चर्चा*

पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ ने ‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला का किया आयोजन*
पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ द्वारा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में *‘वार्तालाप’ मीडिया कार्यशाला* का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पत्रकार साथियों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराना और फेक न्यूज़ जैसे समसामयिक विषयों पर संवेदनशील बनाना था।
*पोषित बच्चे, स्वस्थ समाज: सरकार का लक्ष्य*
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिभा शुक्ला उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों पर प्रकाश डालते हुए *पोषण माह* के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि “हमारी कोशिश है कि बच्चे पोषित रहें, स्वस्थ रहें और संस्कार से जुड़े रहें। यही सरकार की प्राथमिकता और प्रयास है।”
*फेक न्यूज़ और डीपफेक से निपटने पर बल*
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय सिंह उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि “येलो जर्नलिज्म से लेकर फेक न्यूज़ और अब डीपफेक के दौर तक पत्रकारिता काफी चुनौतीपूर्ण हो गई है। पत्रकारों को इस पर गंभीर चिंतन करना चाहिए और यह समझना होगा कि इस दौर की चुनौतियों से दूरदर्शिता और विवेक से कैसे निपटा जाए।”
पत्रकारों को फेक न्यूज़ की पहचान और सत्यापन की समझ देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभागाध्यक्ष डॉ. मुकुल श्रीवास्तव ने भी प्रस्तुति दी। उन्होंने स्लाइड शो के माध्यम से पत्रकारों को *फेक न्यूज़ पहचानने के व्यावहारिक तरीकों* पर जानकारी दी और इसके फैलने के आठ प्रमुख कारण बताए। उन्होंने कहा कि “डिजिटल युग में पत्रकारों को अपनी स्किल्स पर लगातार काम करने की आवश्यकता है।”
*युवाओं में तंबाकू सेवन पर चिंता*
एसजीपीजीआई के डॉ. गौरव अग्रवाल ने युवाओं में बढ़ते तंबाकू सेवन और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि “तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यह न केवल स्वास्थ्य बल्कि युवाओं के भविष्य और करियर को भी प्रभावित कर रहा है।”
- *पत्रकारिता और एआई: संतुलन की आवश्यकता*
- वरिष्ठ पत्रकार डॉ. उत्कर्ष सिन्हा ने कार्यशाला के समापन सत्र में कहा कि “आज के समय में यह स्वीकार करना होगा कि सच्चाई और एआई दोनों आवश्यक हैं। बस ध्यान यह रखना है कि आप मशीन का उपयोग करें, मशीन आपका नहीं।”कार्यक्रम की शुरुआत में पत्र सूचना कार्यालय, लखनऊ के निदेशक श्री दिलीप शुक्ल ने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए पत्रकार साथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता एक बड़ी जिम्मेदारी है और सरकार की नीतियों को जनता तक पहुंचाने में पत्रकारों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।इस अवसर पर आयोजन का संचालन श्री राजेंद्र विश्वकर्मा ‘हरिहर’ ने किया। कार्यक्रम में पत्र सूचना कार्यालय के अधिकारीगण, कर्मचारी, विश्वविद्यालय परिवार और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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