कोर कमेटी की तीन दिवसीय बैठक नई दिल्ली में

लखनऊ। अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महा परिषद की कोर कमेटी की तीन दिवसीय बैठक नई दिल्ली में 29 से 31 अगस्त तक होने जा रही है। नई दिल्ली की बैठक के दौरान निर्धारित तिथि की अवधि में, देश के राष्ट्रपति, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय विधि मंत्री एवं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से महा परिषद के शिष्य मंडल से वार्तालाप हेतु पत्र दिया गया है।
वही प्रेस क्लब अफ इंडिया, नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्तर पर प्रेस कांफ्रेंस आयोजित भी किया जा रहा है।
कौर कमेटी बैठक में दिल्ली के विशिष्ट व्यक्तियों को एक खुला सत्र भी आयोजित होगा, जिसमे में भाग लेने के लिए उन विशिष्ट व्यक्तियों जिनका संबंध सामाजिक स्तर से, राजनीतिक स्तर से न्याय पालिका के स्तर से एवं कारपोरेट सेक्टर के स्तर से है, कोआमंत्रित किया गया है।
इस बैठक में देशभर के दो करोड़ स्वतंत्रता सेनानी परिवारों को राष्ट्रीय परिवार घोषित कर उनके जीवन में आर्थिक सुधार के लिए कार्य योजना तैयार कर उस पर अम्ल करने की, अपील केन्द्र सरकार से की जाएगी।
अखिल भारतीय स्वतंत्रता सेनानी एवं शहीद परिवार कल्याण महापरिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री मुकेश मर्चेंट ने बताया कि देश में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग और बलिदान को कम करके आंके जाने से भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास ही धूमिल हो जाने की आशंका उत्पन्न हो गई है। जिस कारणआजादी के इतिहास को संजोने की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि महापरिषद अध्यक्ष स्वतंत्रता सेनानी प्रहलाद प्रजापति के नेतृत्व में देश के विभिन्न राज्यों में रह रहे संगठन के राष्ट्रीय ज्याध्यक्ष, राष्ट्रीय समन्वयक हरिराम गुप्ता, राष्ट्रीय महासचिव कुमार पटेल, उपाध्यक्ष अवधेश पंत, अजय सेतिया, इंदिरा मिश्रा, आशा लाल आदि संगठन पदाधिकारी लक्षित 9 सूत्री प्राथमिकता को पूरा करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों से अपना एजेंडा साझा कर उनसे सहयोग मांग रहे है, ताकि देश को आजादी दिलाने वाले शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों के सपनो का भारत बन सके, साथ ही महात्मा गांधी के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने व आजादी अक्षुण बनी रहे, इसके लिए सतत सजग रहने के संकल्प के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर मार्च माह तक दिल्ली में एक बड़ा सम्मेलन आयोजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।





