जमीन पर बैठकर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने सुनी ग्रामीणों की बात, करोड़ों रुपये के विकास कार्यों की दी सौगात….

रायपुर: उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भेंड्रा नवागांव और पीरचाटोला में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में ग्रामीणों के बीच जमीन में बैठकर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं तथा कई मांगों पर मौके पर ही स्वीकृति और घोषणाएं करते हुए विकास कार्यों की सौगात दी। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम भेंड्रा नवागांव में आयोजित कार्यक्रम से ग्राम बोटेसुर से नवागांव तक एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क निर्माण कराने की घोषणा की। वहीं ग्राम पीरचाटोला में 5.20 लाख रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा वीबीजीरामजी योजना के तहत पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृत कराने की घोषणा की।
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और विकास कार्यों के लिए निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि भेंड्रा नवागांव, बोटेसुर के गांवों में सामुदायिक भवन, सीसी रोड, बोर खनन, रंगमंच, आहता निर्माण तथा आंतरिक विद्युतीकरण जैसे अनेक कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सूरजपुरा पंचायत में 51 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्टेडियम में नियमित खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हों तथा आसपास के 15 से 20 गांवों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजपुरा और धनौरा सहित क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण मानको के अनुरूप होना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पीरचाटोला में 40, सूरजपुरा में 57, पेण्ड्रातराई में 61, बैगापारा में 65 तथा बोटेसुर में 75 आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी और बीते ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।
उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह डेयरी, दुग्ध उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। यदि समूह कार्ययोजना बनाकर आगे आते हैं तो शासन हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने क्षेत्र में जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल भवन और सड़क निर्माण ही विकास नहीं है, बल्कि गांव की आर्थिक गतिविधियों, कृषि, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है।
उन्होंने बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर के वनांचल क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां किसान बिना रासायनिक खाद के सफलतापूर्वक जैविक खेती कर रहे हैं और बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। विद्युत व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था के लिए गांव और खेतों के फीडर अलग करने का कार्य कराया गया है। साथ ही पुराने बकाया बिजली बिलों का भी शासन की योजनाओं के माध्यम से समाधान किया जा रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पटेल, जनपद उपाध्यक्ष श्री अशोक पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।





